आये कुछ हसीन ख्वाबों की एक दुनिया हर कोई डुबने की तम्मना रखता है मै और तुम भी इस सफर के राही है मुझे ख्याल आया क्यों न इन ख्वाबों को एक आकार दूँ
Thursday, August 1, 2019
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
सफ़र सफ़र में याद बनी कोई, कोई बनी उम्मीद किसने सोचा था, घर से निकलना होगा, अब याद सी हो गई है घर की दहलीज...
-
खो जायेगा जो भी है तुम्हारे पास, सब छोड़ जायेंगे एक दिन तुम्हारा साथ, बन सको तो खुद के साथी बनो, तुम से अच्छा देगा न कोई तुम्हा...
-
दिल के कुछ ख्याल है ये उन भुझ चुकी मोमबत्तियों की मिसाल है ये तेरे और मेरे इश्क़ का हाल है ये मुझको क्या से क्या बना दिया कमाल है ये ...
-
सफ़र सफ़र में याद बनी कोई, कोई बनी उम्मीद किसने सोचा था, घर से निकलना होगा, अब याद सी हो गई है घर की दहलीज...

No comments:
Post a Comment