Monday, October 28, 2019

बीते दिनों की यादें




बारिश, बादल, पहाड़ 
हमेशा याद रहेगी ये बहार
लोगों के बीच का प्यार ,
हमें याद रहेगा यार,
वो रंग बिरंगी सुबह,
वो सुहानी शाम,

है बचा मुठ्ठी में तो कुछ नहीं,
पर दिल में हैं यादें हज़ार  








सफ़र सफ़र में याद बनी कोई, कोई बनी उम्मीद किसने सोचा था, घर से निकलना होगा, अब याद सी हो गई है  घर की  दहलीज...